एन.डी.पी.एस. एक्ट के विषय में एक दिवसीय कार्यशाला का किया गया आयोजन
रायपुर- दिनांक 28.08.2025 को न्यू सर्किट हाउस सिविल लाईन रायपुर के सभागार में पुलिस एवं माननीय न्यायालय के संयुक्त तत्वाधान में एन.डी.पी.एस. एक्ट की विवेचना के संबंध में पुलिस अधिकारियों के लिये मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर बी.पी.वर्मा., विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट/एससी-एसटी एक्ट पंकज कुमार सिन्हा, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण थवाईत, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गिरीश मण्डावी तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद कुमार सिंह एवं पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिले के समस्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अधीक्षक, नगर/उप पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी एवं प्रत्येक थाना से विवेचक एवं प्र.आर. माल मोहर्रिर सहित कुल 150 पुलिस अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। 

कार्यक्रम के दौरान पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा अपने उद्धबोधन में कहा गया कि रायपुर जिले में नशे के विरूद्ध लगातार कार्यवाही करना सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है। रायपुर पुलिस नशे को जड़ से समाप्त करने हेतु दृढ़़ संकल्पित है, इसको अभियान के रूप में न लेकर संकल्प के रूप में लेकर समाप्ति की ओर कार्यवाही की जायेगी। कार्यशाला में उपस्थित समस्त अधिकारी/कर्मचारी को इसे गंभीरता से लेते हुये आने वाले समय में जो भी प्रक्रियात्मक त्रुटियां होती है उसे समाप्त करते हुये अधिक से अधिक सजा दिलाने की दिशा में कार्य करने कहा गया।
उक्त कार्यक्रम में उद्धबोधन के दौरान माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर बी.पी.वर्मा. द्वारा कहा गया कि एन.डी.पी.एस. एक्ट में लगातार कार्यवाही करते हुये रायपुर जिला को नशे से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, कार्यवाही के दौरान होने वाली प्रक्रियात्मक त्रुटि एवं छोटी-छोटी तथ्यों को ध्यान में रखने से विवेचना स्तर उत्कृष्ट होगा। रायपुर में फैलते हुये नशे को रोकना न केवल पुलिस व न्यायालय का काम है, बल्कि प्रत्येक समाज के प्रत्येक नागरिक का जिम्मेदारी है, जिसे सभी के द्वारा सामूहिक रूप से अपनी जिम्मेदारी मानते हुये निर्वहन करने से ही रायपुर को नशे से मुक्ति दिला पायेंगे और नशे का फैलता हुआ व्यापार को रोकने में सक्षम हो पायेंगे।
इस क्रम में कार्यशाला में उपस्थित विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट/एससी-एसटी एक्ट पंकज कुमार सिन्हा द्वारा विस्तार पूर्वक एन.डी.एस.एक्ट के प्रावधानों का उल्लेख करते हुये पुलिस के द्वारा की जाने वाली विवेचना में होने वाली त्रुटियों व कमियों को बताते हुये व्याख्यान दिया गया। इसी प्रकार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रायपुर किरण थवाईत द्वारा अपने उद्धबोधन में एन.डी.एस.एक्ट के रेग्युलेशन, नियम व धाराओं के प्रावधान पर बारिकी से गंभीरता पूर्वक चर्चा करते हुये उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को जानकारी देकर ज्ञानवर्धन किया गया तथा विवेचना के दौरान की जाने वाली त्रुटियों के संबंध में भी अवगत कराया गया। उपस्थित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों का जवाब देने के साथ ही एन.डी.एस.एक्ट के विवेचना के दौरान आने वाली समस्याओं के संबंध में भी जानकारी देते हुये मार्गदर्शन दिया गया।
उक्त कार्यशाला पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों के लिये आने वाले समय में एन.डी.एस.एक्ट की विवेचना के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कारगर सिद्ध होगी, जिससे निश्चित रूप से एन.डी.एस.एक्ट के जो दोषसिद्धि के प्रकरण है उनमें बढ़ोत्तरी होगी जिससे आरोपियों को सजा दिलाने में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। आने वाले समय में भी लगातार इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा।